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Showing posts from May, 2020

गिरमिटिया तंत्र की वापसी

कोरोनावायरस से उपजे विशाल जन स्वास्थ्य समस्या के बीच हम एक और बड़ी विपदा से नमूदार हो रहे हैं वह है मालिकों द्वारा अपने कामगारों को अधर में छोड़ दिया जाना और उससे भी परे सरकारों द्वारा इस ओर बिल्कुल भी ध्यान ना देना। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का दुरुपयोग करते हुए कामगारों के घर लौटने के अधिकार को रोक दिया गया है और उनके भोजन आवास और चिकित्सा सुविधा को लेकर किसी प्रकार का कोई प्रबंध नहीं दीख रहा है। यहां तक कि राज्यों द्वारा घोषित भोजन और नकदी की राहत भी अधिकांश कामगारों तक नहीं पहुंच रही है। भुखमरी से शुरू हुई या समस्या लाखों लाख मजदूरों के पैदल घर लौटने तक जा पहुंची है। इनमें से बहुत लोग रास्तों में ही कॉल कल वित हो जा रहे हैं। 1 महीने से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन केंद्र सरकार ने इन मजदूरों को घर लौटने से संबंधित और स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। मालिक और मालिकों के संग इकट्ठा होकर जहां-तहां अनुचित दबाव का प्रयोग कर इन्हें वापस लौटने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार भी यात्रा सुविधाओं में देरी कर इन मालिकों के लिए मजदूरों की अबाधित आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरसक प्रयास कर रही है। उद्योग...

शेखचिल्ली का शगूफा

आज इतने सालों बाद आत्म निर्भर भारत की बात हो रही है पर देश जब आजाद हुआ तब न घरों में बिजली होती थी, न स्वास्थ्य सेवाएं, न सड़कें और न ही उद्योग-धंधे। पं. नेहरू की सोच और प्रभावी नेतृत्व का ही नतीजा था कि देश तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ सका। देश में कल-कारखाने स्थापित हुए। बड़े-बडे़ बांध बने। आईआईटी, इसरो और एम्स जैसी संस्थाएं स्थापित हुईं। देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के विराट व्यक्तित्व, वैज्ञानिक सोच और विजन से देश आज विकास के इस मुकाम तक पहुंच सका है। जिस आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत को हम देख रहे हैं, उसके पीछे पं. नेहरू का बड़ा योगदान है।1947 में देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद से 1964 में अपने निधन तक नेहरू ने कई संस्थाओं की शुरुआत की। इन संस्थाओं को वे आधुनिक भारत का मंदिर कहते थे। दूसरे विश्व युद्ध के बाद आर्थिक रुप से ख़स्ताहाल और विभाजित हुए भारत का नवनिर्माण करना कोई आसान काम नहीं था लेकिन पंडित जी ने अपनी दूरदृष्टि और समझ से जो पंचवर्षीय योजनाएँ बनाईं उसके नतीजे वर्षों बाद मिले. साल 1950 में पंडित नेहरु ने चुनाव आयोग का गठन किया। इसके बाद देश के विकास को संचालित ...